व्यथा

कुछ बातें हैं, जो हर रोज सताती हैं, सोने से पहले या, सोने के बाद सपनों में, अपनी व्यथा सुनाती हैं, और पूछती हैं वो, क्या था उस काम में, जो अकेले सोनू सूद ने, कर के दिखाया, पर हमारा … Continue reading व्यथा

हम

हम यानी इस देश के नागरिक या तो हद से ज्यादा सहनशील हो चुके हैं या फिर हम सब में कोई संवेदनशीलता बची ही नही है| इस महामारी के समय में हम सभी लोग अपने घरों में बैठकर सहयोग कर रहें है जो की बहुत अच्छी बात है और मैं इस बात का सम्मान करता हूँ| परन्तु पिछले 35 दिनों से मजदूर एक राज्य से दुसरे राज्य की ओर पलायन कर रहे है, जिसके कारण कई है, उनमे से कुछ मजदूरों का कहना है कि उन्हें कई दिनों से कोई खाना नहीं मिला है, जबकि हमारी देश की सरकारे कहती … Continue reading हम

कैसा है ये हिंदुस्तान?

कैसा है ये हिन्दुस्तान, जहाँ भटक चुका है इंसान, जहरीली धुंध तो छट गयी, पर बाकी है कोरोना जैसा शैतान, हालत कुछ यूँ है देश के, … Continue reading कैसा है ये हिंदुस्तान?

अम्बेडकर जयंती

शब्द भी कम पड़ जाते है, उनके काम को सराहने में, नहीं देखा है उनसा कोई महान, अब तक बीते जमाने में। आयुष कुमार अम्बेडकर जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं।। Continue reading अम्बेडकर जयंती